
सत्य और षड्यंत्र
सत्य मिटता नहीं, किसी के कुटिल प्रयास से।
सत्य अडिग रहता है सम्पूर्ण आत्मविश्वास से।
असत्य की आंधियों में तू थोड़ा डगमगा तो जायेगा।
झंझावतों के शान्त होते ही सत्य निखर कर आएगा।।
कोई कितना भी सत्य को आंखें दिखाना चाहे।
षड्यंत्र और प्रलोभनों से सत्यको मिटाना चाहे।
सत्य तो सत्य है कुछ परेशान तो हो सकता है।
लेकिन कसौटी पर सत्य ही स्थिर रह सकता है।
डरना नहीं तू षडयन्त्रों व असत्य की कुटिल चाल से।
सच हमारे साथ है, तो टकरा सकते हैं यम रुपी काल से।
एक सत्य को छिपाने को, सौ झूठ परोसे जाते हैं।
तरह-तरह के आरोप, लांछन सत्य पर लगाये जाते हैं।
घबराओ नही ,विचलित न हो , कठिनाई तो आएगी।
अन्त में सत्य की विजय तुम्हारा पथ प्रशस्त कर जाएगी।।



