Homeप्रशासनराजस्थानशिक्षासम्मानसामाजिक

जिलाधिकारी की नई पहल से दिव्यांगजनों के लिए स्वरोजगार का नया अध्याय, ‘मिशन समर्थ’ के तहत मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल बनी चलती-फिरती दुकान

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा एवं निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ एवं मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की विशेष पहल पर जनपद गाजियाबाद में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार से जोड़ने हेतु “मिशन समर्थ” के अंतर्गत एक अभिनव पहल का शुभारम्भ किया गया। योजना के तहत चयनित दिव्यांगजनों की मोटराइज्ड ट्राइसाइकिलों को चलती-फिरती दुकान (मोबाइल शॉप) के रूप में विकसित कर आवश्यक विक्रय सामग्री सहित उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे अपने घर के आसपास अथवा अन्य स्थानों पर स्वयं का व्यवसाय संचालित कर सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित कर सकेंगे।

मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजीत पाल, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ एवं मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया तथा लाभार्थियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान, नींव शक्ति संस्था की संस्थापक श्रीमती ऋचा वल्लभ खुल्बाई, मोहन मिकीन लिमिटेड के प्रतिनिधि विशाल एवं ए.डी. सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विधायक अजीत पाल ने कहा कि यह पहल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी प्रयास है। उन्होंने लाभार्थियों से समर्पण एवं परिश्रम के साथ अपने व्यवसाय का संचालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की पहचान है तथा सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को स्थायी स्वरोजगार एवं सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय सिद्ध होगी। भविष्य में भी ऐसे नवाचारों के माध्यम से अधिकाधिक दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मिशन समर्थ दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में जनपद का एक महत्वपूर्ण मॉडल बनकर उभरेगा।

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने बताया कि मार्च माह में जनपद के 106 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिलें उपलब्ध कराई गई थीं। उसी क्रम में प्रथम चरण में लगभग 50 दिव्यांगजनों की ट्राइसाइकिलों पर विशेष सेटअप तैयार कर उन्हें चलती-फिरती दुकानों के रूप में विकसित किया गया तथा प्रारम्भिक विक्रय सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए मोहन मिकीन लिमिटेड, मोहन नगर द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत 5 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई, जो जिलाधिकारी के विशेष प्रयासों का परिणाम है। प्रत्येक दुकान को तैयार करने में लगभग 10 हजार रुपये की लागत आई, जिसमें लगभग 5,300 रुपये ट्राइसाइकिल के विशेष ढांचे एवं लगभग 4,500 रुपये मूल्य की प्रारम्भिक विक्रय सामग्री पर व्यय किए गए।

नींव शक्ति संस्था की संस्थापक श्रीमती ऋचा वल्लभ खुल्बाई ने बताया कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में संस्था द्वारा लाभार्थियों का चयन, वेंडरों के साथ समन्वय, ट्राइसाइकिलों का अनुकूलन (कस्टमाइजेशन) तथा स्वरोजगार हेतु उन्हें पूर्ण रूप से तैयार करने का कार्य कराया गया। उन्होंने कहा कि मिशन समर्थ को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में संस्था की पूरी टीम ने सक्रिय योगदान दिया। साथ ही इंग्राहम इंग्लिश मीडियम स्कूल के लगभग 20 छात्र-छात्राओं ने स्वयंसेवक के रूप में परियोजना के विभिन्न कार्यों में सहयोग प्रदान कर सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

लाभार्थियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सहित अनेक सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि चलती-फिरती दुकान उपलब्ध होने से उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला है और अब वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हो सकेंगे। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम के अंत में नीव शक्ति संस्था की टीम एवं इंग्राहम इंग्लिश मीडियम स्कूल के विद्यार्थियों (स्वयं सेवकों) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button