
नई दिल्ली,(आनन्द धारा)। दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे युवा अधिवक्ता गौरव वर्मा को उनके विधिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘राइजिंग एडवोकेट पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। कम समय में उन्होंने कानून के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इससे पहले उन्हें अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
गौरव वर्मा संवैधानिक, सिविल, वाणिज्यिक और तकनीकी कानून के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। उनका कहना है कि इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता, गुरुजनों और सहयोगियों का निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन रहा है।
भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने बताया कि वे साइबर कानून, डेटा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन अपराधों से जुड़ी उभरती चुनौतियों पर शोध करना चाहते हैं। उनका मानना है कि तेजी से बदलती डिजिटल तकनीक के साथ कानूनों का भी समयानुकूल विकास आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में साइबर क्षेत्र की नई कानूनी चुनौतियों के समाधान और प्रभावी कानून निर्माण पर शोध के माध्यम से योगदान देना उनका प्रमुख लक्ष्य है। उनकी उपलब्धि को युवा विधि समुदाय के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है।



