प्रभात फेरी के साथ बोंगोतोरु ने किया शारदोत्सव 2026 का शुभारंभ, उत्तम कुमार की विरासत को समर्पित होगा उत्सव

गाजियाबाद, (आनन्द धारा)। बंगाली संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक एकता का संदेश देते हुए बोंगोतोरु ने 11 अक्टूबर की सुबह प्रभात फेरी के साथ शारदोत्सव 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान समुदाय के सदस्य एकत्र हुए और दुर्गा पूजा की मूल भावना, आपसी सौहार्द तथा साझा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया।
प्रभात फेरी के साथ शुरू हुए इस आयोजन ने आगामी पांच दिवसीय शारदोत्सव के लिए उत्साह का माहौल तैयार किया। शारदोत्सव 16 से 20 अक्टूबर 2026 तक सेंट्रल पार्क, शिप्रा सनसिटी फेज-1, इंदिरापुरम, गाजियाबाद में आयोजित होगा। इस दौरान श्रद्धा, संगीत, नृत्य, कला और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंगाली परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
‘यह सफर कभी खत्म न हो’ है इस वर्ष की थीम
इस वर्ष शारदोत्सव की थीम ‘यह सफर कभी खत्म न हो’ रखी गई है। यह थीम बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की कालजयी विरासत और उनके जन्मशती वर्ष से प्रेरित है। इसका उद्देश्य सिनेमा, संस्कृति और परंपराओं के उस सफर को रेखांकित करना है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आगे बढ़ता रहता है।
प्रभात फेरी ने भी इसी निरंतर सांस्कृतिक यात्रा की भावना को साकार किया। इसके माध्यम से लोगों ने उत्सव के मौसम का स्वागत किया और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव को नए सिरे से महसूस किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि परंपराएं केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।

संस्कृति और सामुदायिक एकता का संगम बनेगा शारदोत्सव
बोंगोतोरु के लिए शारदोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि लोगों को एक मंच पर लाने, साझा विरासत को संजोने और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर है। पांच दिवसीय आयोजन में भक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए लोगों को बंगाली संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।



