सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल के प्रांगण में वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2026’ ’पृथ्वीराज चौहान – गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ का आयोजन

गाज़ियाबाद,(आनन्द धारा)। दिनांक, 24 अक्टूबर 2026 को सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल, सीनियर सेकेंडरी शाखा, गाज़ियाबाद के प्रांगण में वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2026’ पृथ्वीराज चौहान – गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कक्षा 3rd से 5th तक के विद्यार्थियों ने ‘पृथ्वीराज चौहान–गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ एक प्रभावशाली संगीतमय नाट्य प्रस्तुति की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने वीरता, स्वाभिमान, देशभक्ति, त्याग और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक शानदार बैंड प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. राम अवतार जिंदल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडिपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया-ISFI), श्री गुलशन कुमार भाम्बरी (महासचिव, ISFI), आलोक गर्ग (संस्थापक सदस्य, ISFI, गाजियाबाद) एवं जोगेंद्र सिंह (संस्थापक सदस्य, ISFI, गाजियाबाद) ने विद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन और अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात, अध्यक्ष, डॉ० सुभाष जैन द्वारा अतिथिगण का आभार व्यक्त करते हुए अतिथिगण को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

विद्यालय के बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति ने समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया एवं वाद्य-संगीत की प्रस्तुति ने समारोह को एक नया आयाम प्रदान किया। कॉन्गो, गिटार और कैसियो जैसे वाद्य-यंत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सुर, ताल और लय का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। नाट्य प्रस्तुति में पृथ्वीराज चौहान के जीवन के विभिन्न पड़ावों को दिखाया गया, जिनमें उनका जन्म, शिक्षा, युद्ध कौशल का प्रशिक्षण, राज्याभिषेक एवं संयोगिता के संग विवाह के दृश्य भी शामिल थे। तराइन के युद्ध, मुहम्मद गोरी की हार, जयचंद का विश्वासघात, चंदबरदाई की ऐतिहासिक भूमिका और जौहर की घटना के अभिनय द्वारा विद्यार्थियों ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन एक अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें वीरता, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतिम क्षणों में पृथ्वीराज चौहान की कालजयी विरासत का जश्न मनाया गया और साहस, सम्मान तथा बलिदान के शाश्वत महत्व को प्रदर्शित किया गया।
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन जी ने अपने संबोधन के माध्यम से बच्चों के पालन-पोषण में समय, विश्वास, प्रोत्साहन एवम भारत की समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी समझ विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे। उपाध्यक्ष श्री नमन जैन जी ने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की आधुनिक शिक्षा में नवाचार, अनुशासन, तकनिकी समझ एवं सामूहिक सहभागिता पर विशेष महत्व दिया। निदेशक प्रशासन, श्री प्रणव जैन ने गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त किया।

प्रधानाचार्या, डॉ. गीता जोशी ने अपने संबोधन में कहा की वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शेक्षणिक रूप से तैयार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील, रचनात्मक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है।
सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल ने समग्र शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार तथा राष्ट्र की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक धरोहर से गहराई से जुड़े जिम्मेदार नागरिकों के रूप में विकसित करने के अपने संकल्प को दोहराया।



