कानपुर के 105 साल पुराने घंटाघर से गायब हुई घड़ी की सुइयां, चोरी की आशंका

कानपुर। कानपुर की पहचान और औद्योगिक इतिहास की धरोहर मानी जाने वाली लाल इमली मिल के 105 साल पुराने घंटाघर से घड़ी की सुइयां गायब होने का मामला अब केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय तक पहुंच गया है। इस घटना के बाद ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, लाल इमली मिल के क्लॉक टावर पर लगी पुरानी घड़ी की सुइयां 5 जून को गायब मिली थीं। शुरुआती तौर पर प्रबंधन की ओर से आशंका जताई गई थी कि तेज आंधी या खराब मौसम के कारण घड़ी की सुइयां क्षतिग्रस्त होकर गिर गई होंगी।
हालांकि, दोबारा जांच के बाद 16 जून को इस मामले में चोरी की आशंका भी सामने आने लगी। इसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वस्त्र मंत्रालय ने प्रबंधन से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
लाल इमली मिल का घंटाघर कानपुर की औद्योगिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह क्लॉक टावर वर्षों से शहर की पहचान का हिस्सा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आते रहे हैं।
घड़ी की सुइयां गायब होने की घटना ने मिल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी पुरानी और ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम होने चाहिए थे।
फिलहाल प्रबंधन और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घड़ी की सुइयां प्राकृतिक कारणों से गिरीं या फिर किसी ने उन्हें चोरी किया।
ऐतिहासिक लाल इमली घंटाघर की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



