
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। जनपद गाजियाबाद में श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली पवित्र कांवड़ यात्रा तथा सिद्धपीठ दुग्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर शिवभक्त कांवड़ियों एवं अन्य श्रद्धालुओं द्वारा किए जाने वाले जलाभिषेक कार्यक्रम को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ एवं एडिशनल पुलिस आयुक्त राज करन नय्यर की संयुक्त अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रीमंहत नारायण गिरि महाराज, माननीय विधायक सदर संजीव शर्मा, डीसीपी सिटी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (नगर), नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिविल डिफेंस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करें।
जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं संबंधित निकायों को निर्देशित किया कि सम्पूर्ण कांवड़ मार्ग, शिव मंदिरों एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए। नियमित सफाई, कूड़ा उठान, नालियों की सफाई, आवश्यकतानुसार फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने पेयजल विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग एवं प्रमुख विश्राम स्थलों पर पर्याप्त संख्या में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए।

जहां आवश्यकता हो, वहां अस्थायी जलापूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएं तथा जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि कांवड़ मार्ग एवं प्रमुख मंदिरों के निकट पर्याप्त संख्या में चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं। इन शिविरों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां, प्राथमिक उपचार सामग्री एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्ग एवं मंदिर परिसर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। समस्त विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं स्ट्रीट लाइटों का पूर्व परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य समय से पूर्ण किया जाए तथा किसी भी विद्युत संबंधी समस्या के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष कंट्रोल टीम गठित की जाए। लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि कांवड़ मार्ग पर किसी भी प्रकार के गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़क अथवा अवरोध को तत्काल दूर किया जाए। मार्गों की मरम्मत, समतलीकरण तथा आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग एवं संकेतक बोर्ड स्थापित कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रमुख शिव मंदिरों एवं कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय, मोबाइल शौचालय, विश्राम स्थल तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। सभी व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा से संबंधित सभी विभाग अपने-अपने नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय रखें तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी एवं एड.सीपी ने पुलिस एवं यातायात विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान विस्तृत एवं प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा डायवर्जन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे आमजन एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। भीड़ प्रबंधन हेतु पुलिस, प्रशासन एवं सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की संयुक्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और जनपद में श्रावण मास के समस्त धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हों।



