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डिस्ट्रिक्ट गंगा प्लान बनाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की बैठक आहुत

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी महोदय श्री इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आहुत हुई। बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), दिल्ली कार्यालय के पत्र के क्रम में गंगा संरक्षण समिति के निर्देशानुसार जनपद गाजियाबाद में ”डिस्ट्रिक्ट गंगा प्लान” बनाने हेतु भारतीय लोक प्रशासन संस्थान को कार्यदायी विभागों द्वारा अद्यतन सूचनाएं उपलब्ध कराने के सम्बंध में बैठक हुई। जिलाधिकारी महोदय ने उक्त ”डिस्ट्रिक्ट गंगा प्लान” को बनाने में सहयोग हेतु सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, नगर निगम एवं इसके अन्तर्गत आने वाले विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण् एवं नगर विकास विभाग, उ0प्र0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सामाजिक वानिकी वन विभाग, जिला भूगर्भ जल प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, खनन विभाग, पंचायती राज विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं उद्योग विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी नामित करते हुए कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराने हेतु निर्देशि किया। बैठक के दौरान जल प्रदूषण करने वालें सभी कारकों पर विस्तार से चर्चा की गयी। जिसमें फैक्ट्री, कारखानों, नाली, वाशिंग कम्पनी, घरों, कम्पनियों, नदी-नालों, तालाबों, खेतों आदि से आने वाले प्रदूषित पानी के उक्त नदी में गिरने के कारकों पर विस्तार से चर्चा की गयी। इसके साथ ही जनपद में पेयजल सहित घरेलू एवं अन्य कार्यों में होने वाले जल का उपयोग के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक के दौरान एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण हेतु कमिशन फोर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन एनसीआर एण्ड एडज्वानिंग एरियाज द्वारा यथा संशोधित ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान (जीआरएपी ग्रेप) की स्टेज-1 के जारी किये जाने पर ग्रेप स्टेज-1 के बारे में पूर्ण रूप से जनपदवासियों को जागरूक कराने और प्रभावी रूप से लागू कराने हेतु विस्तार से चर्चा की गयी।

दिल्ली एन0सी0आर0 में एक्यूआई में वृद्धि हो जाती है। एक्यूआई के अनुसार कमिशन फोर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन एनसीआर एण्ड एडज्वानिंग एरियाज द्वारा ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान (जीआरएपी ग्रेप) लागू किया जाता है। एक्यूआई के अनुसार ही ग्रेप को अलग-अलग श्रेणी मे वग्रीकृत किया जाता है। यथा ग्रेप की अलग-अलग Stages i.e. Stage-I ‘Poor’ (AQI 201-300), Stage-II ‘Very Poor’ (AQI 301-400), Stage-III ‘Severe’ (AQI 401-450)and Stage-IV ‘Severe+’ (AQI >450) के अन्तर्गत सीएक्यूएम द्वारा निर्गत निर्देषों के अनुसार विभिन्न विभागों द्वारा कार्यवाही की जाती है, जैसे कि सड़को पर जल छिड़काव, सड़को की मैकेनिकल स्वीपिंग, ट्रेफिक का सुचारू संचालन, निर्माण कार्यो मे प्रदूषण नियंत्रण हेतु प्रभावी कदम उठाया जाना, प्रदूषणकारी उधोगों पर कार्यवाही, कूडा जलाने पर प्रभावी कार्यवाही आदि है। बताते चले कि दिनांक 13.10.2024 से दिल्ली एवं अन्य एन0सी0आर0 क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इनडैक्स (एक्यूआई)200 से अधिक होने के दृष्टिगत सीएमक्यूएम द्वारा सब—कमेटी फोर ग्रेप के रिकमान्डेशन के आधार पर अपने पत्र दिनांक 14.10.2024 द्वारा ग्रेप की स्टेज—1 लागू किया गया है। जनपद गाजियाबाद मे कुल 06 हाॅट-स्पाॅट (साहिबाबाद, राजनगर एक्सटेशन, लोनी, भौपुरा दिल्ली बार्डर, वसुन्धरा, सिद्धार्थ विहार/कनावनी पुस्ता रोड) चिन्हित है, जिनके सम्बन्ध मे एक्षन प्लान तैयार किया गया है, जिसके अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों द्वारा एक्षन प्लान के अनुसार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। जनपद मे निर्माणाधीन परियोजना के रिमोट एण्ड सैल्फ मोनीटरिंग हेतु उत्तर प्रदेश इन्वायरमेंटल कम्पलैंस पोर्टल एमएलवी डस्ट पोर्टल पर समस्त निर्माणाधीन परियोजनाओं जिनका भूखण्ड जिनका क्षेत्रफल 500 वर्गमी0 से अधिक है। उक्त पोर्टल पर पंजीकरण करते हुए सैल्फ आॅडिट करना अनिवार्य है, जिस हेतु जनपद मे निर्माणाधीन परियोजनाओं का चिन्हीकरण हेतु नोटिस प्रेषित किये जा रहे है। इसके पश्चात कन्स्ट्रक्शन साइटस का स्थलीय निरीक्षण किया जाता है तथा निरीक्षण आख्या एक्षन टैंकेन रिपोट के साथ डस्ट पोर्टल पर दर्ज की जाती है। बैठक में दिनांक 13.10.2024 से दिल्ली एवं अन्य एन0सी0आर0 क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इनडैक्स (एक्यूआई)200 से अधिक होने के दृष्टिगत सीएक्यूएम द्वारा सब कमेटी फोर ग्रेप की स्टेज-1 का प्रभावी क्रियान्वयन कठोरता से सुनिष्चित कराये जाने हेतु सम्बन्धित सभी विभागांे को निर्देशित किया गया है। ग्रेप के अन्तर्गत खुले मे निर्माण सामग्री भण्डारण/आवागमन किये जाने के दृष्टिगत सम्बन्धित विभागों द्वारा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित किये जाने का प्राविधान है। उ0प्र0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिनांक 14.10.2024 से दिनांक 21.10.2024 के मध्य खुले मे निर्माण सामग्री भण्डारण आवागमन किये जाने के दृष्टिगत 08 इकाईयों के विरूद्ध कुल रु0 23,00,000/- (रु0 तैइस लाख) की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गयी है।

बैठक में डीएफओ सुश्री ईशा तिवारी, प्रोजेक्ट एसोसिएट सिमरन यादव, विकास मिश्रा आरओ यूपीपीसीबी, श्रीनाथ पासवान जीएमडीआईसी, ई ई पीडब्लूडी रामराजा, बीएसए ओपी यादव, ईओ मोदीनगर, ईओ लोनी, ईओ डासना, डॉ.विधि सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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