
मेरठ,(आनन्द धारा-पवन शर्मा)। मानव धर्म मन्दिर (आश्रम), 213-वेस्टर्न रोड, सदर, मेरठ कैंट में दिनांक 22 मार्च 2026 को सुविख्यात श्री सतपाल महाराज जी की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में चैत्र नवरात्रि के पावन उपलक्ष्य में एक विशाल महान सत्संग समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया और धर्ममय वातावरण में भक्ति रस का आनंद लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे महात्मा श्री हरिसंतोषानंद जी, पूजनीय महात्मा तीरथ बाई जी तथा आश्रम प्रभारी पूजनीय महात्मा दीपांजली बाई जी ने अपने अमृतमय प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। संत-महात्माओं ने श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण, उपनिषद तथा अन्य धर्म शास्त्रों के आधार पर मानव जीवन के उद्देश्य, आत्मिक उन्नति, सत्य, भक्ति, सेवा और सदाचार का महत्व विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं है, बल्कि आत्मिक शांति और ईश्वर की प्राप्ति के लिए है, और सत्संग ही वह माध्यम है जो मनुष्य को सही दिशा प्रदान करता है।

अपने प्रवचन में संतों ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक दौड़ में इतना व्यस्त हो गया है कि वह अपने वास्तविक स्वरूप को भूलता जा रहा है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से सत्संग, ध्यान और सेवा का मार्ग अपनाए तो उसके जीवन में शांति, संतोष और सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से नवरात्रि के पावन अवसर पर आत्मचिंतन, साधना और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
सत्संग के दौरान भजन-कीर्तन व विशाल भण्डारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। पूरे आश्रम परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने गुरु कृपा के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा मानव उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस सफल आयोजन में आश्रम प्रधान सहित मानव सेवा दल के पदाधिकारी, यूथविंग एवं आश्रम के सभी कार्यकर्त्ताओं ने भरपूर सहयोग किया। इस पुनित आयोजन से मेरठ क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा।



