
रायबरेली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ने के बीच प्रगति पुरम निवासी भाजपा कार्यकर्ता और अधिवक्ता शकील अहमद खान ने सोमवार को अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दायर किया।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि Rahul Gandhi ने 20 मई को डीह क्षेत्र के लोधवारी गांव में आयोजित जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के खिलाफ अभद्र और मानहानिकारक टिप्पणियां कीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान से देश के शीर्ष नेताओं की छवि प्रभावित हुई है।
अधिवक्ता शकील अहमद खान ने अदालत को बताया कि सार्वजनिक मंच से दिए गए ऐसे बयान न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि इससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने न्यायालय से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। कई स्थानीय नेताओं ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत बताया है।
वहीं कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का अधिकार रखता है और राजनीतिक भाषणों को अलग संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में नेताओं के बयान अक्सर विवाद का कारण बन जाते हैं और ऐसे मामलों का सीधा असर राजनीतिक वातावरण पर पड़ता है। फिलहाल अदालत में दायर परिवाद को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।



