
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र हुए। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस की निगरानी में आयोजित इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों में बड़ी संख्या स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और युवा पेशेवरों की रही। कई प्रतिभागी प्रतीकात्मक रूप से कॉकरोच के मुखौटे पहनकर पहुंचे, जबकि उनके हाथों में फूल और राष्ट्रीय ध्वज दिखाई दिए। कुछ स्कूली छात्र अपने अभिभावकों के साथ भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रखना है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए शिक्षा से संबंधित नीतियों और व्यवस्थाओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन का समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि अभिजीत दीपके के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है, तो वह इसके विरोध में छह सप्ताह तक अनशन करने पर विचार करेंगे। उनके इस बयान के बाद आंदोलन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थकों को संदेश जारी किया था। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान एक पुस्तक और राष्ट्रीय ध्वज साथ लाने का आग्रह किया था। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों से पुलिसकर्मियों को सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करने की अपील भी की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए रहीं और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दिया है। अब सभी की नजर इस आंदोलन के अगले चरण और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।



