
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ की घोषणा करते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया।
इस नए फ्रेमवर्क के तहत नवंबर महीने से दिल्ली में सरकारी पार्किंग का किराया दोगुना किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा नवंबर से जनवरी 2027 तक दिल्ली में बाहर से पंजीकृत नॉन-बीएस-4 कॉमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही रोकने से राजधानी की हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सर्दियों के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में पहले से तैयारी कर प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नया एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
सरकार की योजना प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों जैसे वाहन उत्सर्जन, धूल, निर्माण गतिविधियों और अन्य कारणों पर नियंत्रण लगाने की है। संबंधित विभागों को भी प्रदूषण रोकने के लिए जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद राजधानी में यातायात व्यवस्था और वाहन नियमों को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर उठाए गए इन कदमों का असर आने वाले महीनों में देखने को मिलेगा। सरकार का दावा है कि यह पहल दिल्ली की हवा को साफ करने और लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।



