श्रीराम कथा में CM योगी बोले- भारत की संस्कृति और मूल्यों का सम्मान जरूरी

लखनऊ। सीतापुर रोड स्थित ब्रज की रसोई परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से है। उन्होंने कहा कि देश की धरती केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि एक ऐसी भूमि है जिसकी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है, जिसका सम्मान हर व्यक्ति को करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता हजारों वर्षों पुरानी है। यहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह देश की परंपराओं, विरासत और सामाजिक मूल्यों का सम्मान करे। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की आत्मा, संस्कारों और मूल विचारों को स्वीकार करते हैं, वे देश के विकास में योगदान देते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता और आध्यात्मिक परंपराओं से बनी है। श्रीराम कथा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों में नैतिकता, सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को सत्य, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में धार्मिक वातावरण के बीच श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति की महत्ता पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने सभी से देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।



