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गाजियाबाद आगमन पर सीएम योगी ने श्री दूधेश्वरनाथ महादेव का किया रुद्राभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं लोकमंगल की कामना

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई 2026, शनिवार प्रातः ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं विशेष पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्य एवं लोककल्याण की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर गाजियाबाद की प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थित शिवलिंगों पर भी पुष्प अर्पित किए और नंदी महाराज के दर्शन कर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए तथा मठ परिसर में विराजमान संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिर के पीठाधीश्वर, संत समाज एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार एवं शिव स्तुति के मध्य संपन्न हुए पूजन कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में वेदाध्ययन कर रहे वेदपाठी बटुकों (ब्रह्मचारी छात्र) एवं संस्कृत शिक्षार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका है, जिसके माध्यम से हमारी सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित होती आई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मठ एवं मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। मंदिर आगमन पर वेदपाठी बटुकों द्वारा वैदिक स्वस्तिवाचन एवं पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने संत समाज के साथ प्रदेश में शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक उत्थान एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर गाजियाबाद का एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवधाम है, जो सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक साधना एवं वैदिक परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

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