पीएम मोदी को भगवान बनाने की कोशिश? मोदी की आरती और चालीसा पर ‘जय जय मोदी’ के नारे, उठे गंभीर सवाल

नई दिल्ली,(आनन्द धारा)। प्रेस वार्ता के माध्यम से सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान राम के स्वरूप में दिखाया गया है। कुछ लोग पीएम मोदी की तस्वीर के सामने पूजा और आरती करते नजर आ रहे हैं। खबर को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी खड़ा हो गया है।
प्रधानमंत्री मोदी को भगवान राम के कटआउट के रूप में दिखाया गया है। उन्हें नीले वस्त्र, स्वर्ण मुकुट और हाथ में धनुष के साथ दर्शाया गया है। मुकुट पर मोर पंख और गले में फूलों की माला भी दिखाई देती है। इस दौरान कुछ लोग तालियां बजाते हुए ‘जय जय मोदी’ और ‘हर हर मोदी’ के नारे लगाते नजर आते हैं। वहीं, भगवा वस्त्र पहने एक व्यक्ति पीएम मोदी की ‘चालीसा’ का पाठ करता दिखाई देता है, घंटी बजने और आरती किए जाने की आवाज भी सुनाई देती है।

दावा किया जा रहा है कि यह ये एक प्रेस वार्ता दिल्ली प्रेस क्लब में हुई थी। हालांकि, वास्तविक स्थान और पूरे संदर्भ को लेकर स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
वीडियो भी सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कई लोग इसे राजनीतिक व्यक्ति को धार्मिक स्वरूप देने की कोशिश बताते हुए आलोचना कर रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि किसी राजनीतिक नेता को भगवान के रूप में प्रस्तुत करना धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक मर्यादा, दोनों के लिहाज से उचित नहीं है।

वहीं, कुछ लोग इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थकों की भावनात्मक आस्था के रूप में देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और री-पोस्ट किया है, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या राजनीतिक नेताओं को भगवान के स्वरूप में प्रस्तुत करना सार्वजनिक और राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप है? इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।



