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डॉ. रचना वार्ष्णेय को मिला ‘अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल म्यूज़िक एजुकेटर सम्मान’, गाजियाबाद में हुआ सम्मान

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर संगीत शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय की संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. रचना वार्ष्णेय को ‘अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल म्यूज़िक एजुकेटर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी कार्यालय, गाजियाबाद में आयोजित समारोह में अपर जिलाधिकारी विकास कश्यप ने उन्हें सम्मान प्रदान किया।

यह सम्मान महाकवि एवं प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. कुंवर बेचैन की स्मृति में उनके पुत्र प्रगीत कुंवर और पुत्रवधू डॉ. भावना कुंवर, संस्थापक-डॉ. कुंवर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया की ओर से प्रदान किया गया। समारोह में मौजूद अतिथियों ने डॉ. रचना वार्ष्णेय को संगीत शिक्षा, शास्त्रीय संगीत और विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के लिए बधाई दी।

26 वर्षों से संगीत शिक्षा के क्षेत्र में दे रहीं योगदान

डॉ. रचना वार्ष्णेय पिछले 26 वर्षों से श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय में संगीत विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संगीत की शिक्षा देने के साथ विद्यालय में सांस्कृतिक एवं संगीत गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में कई विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

संगीत में गोल्ड मेडल समेत कई उपलब्धियां

डॉ. रचना वार्ष्णेय ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से गायन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। वह ‘सुपर मॉम डांस चैंपियनशिप’ में दो बार राष्ट्रीय स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पदक प्राप्त कर चुकी हैं।

उन्होंने गांधर्व संगीत महाविद्यालय, गाजियाबाद से शास्त्रीय गायन और तबला वादन में विशारद की शिक्षा प्राप्त की। उनकी संगीत साधना में आचार्या डॉ. विमला गुप्ता और आचार्य तरुण गोयल का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है।

समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

सम्मान समारोह की रूपरेखा एवं आयोजन में डॉ. पूनम शर्मा, सदस्य-राज्य संदर्भदाता समूह, बेसिक शिक्षा विभाग का विशेष सहयोग रहा। नोएडा से प्रतीक सक्सेना कुंवर, जो महाकवि डॉ. कुंवर बेचैन के भतीजे और प्रगीत कुंवर के छोटे भाई हैं, भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

इसके अलावा गांधर्व संगीत महाविद्यालय, गाजियाबाद के सचिव आचार्य तरुण गोयल और उनकी पत्नी डॉ. शिखा गोयल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन को व्यवस्थित रूप देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विद्यालय परिवार ने दी बधाई

डॉ. रचना वार्ष्णेय की उपलब्धि पर श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम शर्मा ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। संगीत के प्रति डॉ. रचना वार्ष्णेय का समर्पण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

गुरुजनों और परिवार को दिया उपलब्धि का श्रेय

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. रचना वार्ष्णेय ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों, माता-पिता, पति कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, परिवार और श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय को दिया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और विद्यालय का सकारात्मक वातावरण उनकी संगीत यात्रा की महत्वपूर्ण ताकत रहा है।

उन्होंने सम्मान के लिए प्रगीत कुंवर, डॉ. भावना कुंवर, डॉ. कुंवर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया और समारोह से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डॉ. रचना वार्ष्णेय ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व, संवेदनाओं और संस्कारों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका प्रयास है कि नई पीढ़ी भारतीय शास्त्रीय संगीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े और इसे आगे बढ़ाए।

उनके सम्मान की खबर के बाद विद्यालय परिवार, संगीत एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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