
गाजियाबाद,(आनन्द धारा/पवन शर्मा)। उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के कथित बयान को लेकर वैश्य समाज में नाराजगी सामने आई है। समाज की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मंत्री के बयान पर कड़ा विरोध जताया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से वैश्य समाज के एक व्यक्ति की तुलना ‘वेश्या’ से की, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि वैश्य समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर विभिन्न संकटों के दौरान समाज ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए आर्थिक सहयोग दिया है। समाज का कहना है कि वह हमेशा बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों की मदद करने और समानता के सिद्धांतों का समर्थन करने में आगे रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वैश्य समाज ने भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लंबे समय से समर्थन दिया है। ऐसे में प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री की ओर से दिया गया कथित बयान समाज के लोगों में नाराजगी का कारण बना है। समाज ने इसे अनुचित और निंदनीय बताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी से सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
मुख्यमंत्री से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग

वैश्य समाज की ओर से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि इस तरह के बयानों से सरकार की छवि प्रभावित होती है और समाज में असंतोष बढ़ता है।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से पूरे मामले में उचित कार्रवाई करने की अपील की गई है। हालांकि, मंत्री के कथित बयान के संबंध में उनका पक्ष इस ज्ञापन में शामिल नहीं है।



