
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। एम.एम.एच. कॉलेज, गाजियाबाद के परिसर में 15 अप्रैल, 2026 को एक भव्य ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आदरणीय प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई।
इस भव्य आयोजन की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित रहीं:
”नारी की आवाज़” – नुक्कड़ नाटक
कार्यक्रम की शुरुआत मेंटल हेल्थ एंड काउंसलिंग क्लब (MHCC) द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक “नारी की आवाज़” से हुई। इस नाटक का उद्देश्य विद्यार्थियों को क्लब के प्रावधानों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना था।
आयोजक: क्लब की संयोजिका प्रो. (डॉ.) मीना वर्मा और सदस्य डॉ. मीनाक्षी।
प्रमुख कलाकार: रेनू सूर्यवंशी, प्रतिभा गर्ग (B.A. तृतीय वर्ष), पुष्पराज (B.Com Hons. द्वितीय वर्ष), अभिषेक वर्मा (BCA द्वितीय वर्ष), तूलिका श्रीवास्तव, तनिष्का तोमर, मयंक (B.A. प्रथम वर्ष) और अभिनव (B.Sc. प्रथम वर्ष)।
मुख्य संदेश: विद्यार्थियों ने अपने ओजपूर्ण प्रदर्शन और संवादों के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न को रोकने और महिलाओं की गरिमा की रक्षा में MHCC की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया।
POSH एक्ट और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तुति इसके पश्चात POSH एक्ट और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित एक अन्य प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।
प्रमुख कलाकार: कनिष्का शर्मा, आकांक्षा दुबे, आकांक्षा मिश्रा (LL.B प्रथम वर्ष), अनु शर्मा, आरती चौधरी, नेहा (LL.B द्वितीय वर्ष), मानवी नागर (LL.B अंतिम वर्ष) और कशिश चौधरी (शोध छात्रा)।
मुख्य उद्देश्य: इस नाटक और लोक गीतों के माध्यम से मिशन शक्ति (महिला सुरक्षा के लिए सरकार की प्रमुख योजना), नारी शक्ति वंदन अधिनियम और कार्यस्थलों/शिक्षण संस्थानों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण हेतु आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

विशेष आकर्षण कार्यक्रम का एक अत्यंत ज्ञानवर्धक और संवेदनशील हिस्सा तेजाब हमला (Acid Attack) पीड़ितों के विषय पर आधारित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम था। विद्यार्थियों के ऊर्जावान अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
मार्गदर्शक और सहयोगी इस सफल आयोजन में कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें शामिल थे:
प्रो. प्रकाश चौधरी, प्रो. आर.एस. यादव, प्रो. सुभाषिनी शर्मा, प्रो. रोज़ी मिश्रा, प्रो. सुता कुमारी, प्रो. अपर्णा मल्होत्रा, प्रो. सुनीता सिंह, प्रो. मीना वर्मा, प्रो. कल्पना दुबे, प्रो. सीमा शर्मा, प्रो. रत्ना शेरी, डॉ. आरती सिंह, प्रो. स्वाति, प्रो. अनुराधा सिंह, प्रो. कामना यादव, डॉ. निशा अग्रवाल, प्रो. मीनाक्षी एवं अन्य शिक्षकगण।
महिला कल्याण के प्रति इन सभी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतिबद्धता इस कार्यक्रम की सफलता का मुख्य आधार रही।



