सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि: एक अविस्मरणीय स्मृति- डॉ. पंडित हरिदत्त शर्मा

गाजियाबाद, (आनन्द धारा )। भारतीय संगीत जगत की महान एवं सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले केवल अपनी मधुर और बहुआयामी आवाज़ के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अत्यंत विनम्र और स्नेहमयी स्वभाव के लिए भी जानी जाती थीं। उनके निधन से संगीत जगत को जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकेगी।
डॉ. पंडित हरिदत्त शर्मा, संस्थापक एवं अध्यक्ष, वी.एन. भातखंडे संगीत महाविद्यालय, गाज़ियाबाद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें 6 अप्रैल 1978 को फिल्मफेयर अवॉर्ड नाइट में आशा भोसले जी को लाइव सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। उस अवसर पर उन्होंने एक मराठी गीत प्रस्तुत किया, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की विशेषता यह भी रही कि डॉ. शर्मा के शिष्यों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के उपरांत आशा भोसले जी ने स्वयं आगे बढ़कर डॉ. शर्मा और उनके शिष्यों से भेंट की। उन्होंने बच्चों के गायन की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि मां सरस्वती की कृपा से वे जीवन में बहुत आगे बढ़ें।
डॉ. शर्मा के अनुसार, आशा जी जितनी उत्कृष्ट कलाकार थीं, उतनी ही सरल, भली और सज्जन महिला भी थीं। उनका यह स्नेहिल व्यवहार आज भी उनके हृदय में एक अमिट स्मृति के रूप में जीवित है।
अंत में, डॉ. पंडित हरिदत्त शर्मा ने अपने एवं महाविद्यालय परिवार की ओर से आशा भोसले जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें अपने श्रीचरणों में विशेष स्थान प्रदान करें।
उनकी मधुर आवाज़ और स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व सदैव संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगा।



