“संस्कृति को अपनाएं, पर्यावरण बचाएं” संदेश के साथ हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल में हुआ वसंतनाद 3.0 का भव्य आयोजन

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। साज़ म्यूज़िकल कल्चरल एंड एजुकेशनल वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 7 जून 2026 को वेव सिटी, एनएच-09 स्थित हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल परिसर में राष्ट्रीय स्तर की संगीत एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता “वसंतनाद 3.0” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “संस्कृति को अपनाएं, पर्यावरण बचाएं” संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन के निदेशक रजत मित्तल के नेतृत्व में किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभाशाली कलाकारों ने संगीत, कला और संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन में भोपाल, कानपुर, दिल्ली, पिथौरागढ़, हैदराबाद और गाजियाबाद सहित कई शहरों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं लंदन से आए एक विशेष प्रतिभागी ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी।
प्रतियोगिता में करीब 200 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिनमें से शानदार प्रदर्शन के आधार पर 56 प्रतिभागियों का चयन किया गया। 5 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक की आयु के कलाकारों ने भजन, अर्ध-शास्त्रीय और बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सा रे गा मा पा की सेमीफाइनलिस्ट आरोही सोनी की मनमोहक प्रस्तुति रही। उनकी मधुर आवाज ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।

प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को सम्मानित किया गया। भक्ति अर्ध-शास्त्रीय वर्ग में विराग गौर, आर्यमान छाबड़ा और अरुण सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि फिल्मी संगीत वर्ग में वंशिका डिमरी और श्वेता रानी विजेता रहीं।
इस अवसर पर संगीत, शिक्षा, सामाजिक सेवा और कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 56 विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित हरिदत्त शर्मा (वी.एन. भातखंडे संगीत महाविद्यालय) ने की। मुख्य अतिथियों में भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भानु सिसोदिया, डॉ. विहंग गर्ग, हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल की निदेशक दीप्ति गर्ग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बनारस घराने के प्रसिद्ध कलाकार पंडित उमनाथ मिश्रा, इंद्रेश मिश्रा, अजय पी. झा और अतुल शंकर की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। वसंतनाद 3.0 ने युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।



