
नई दिल्ली। दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह सिंधु ने बुधवार को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की।
बैठक में खासतौर पर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों से बस नेटवर्क में सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और यात्रियों की सुविधा को लेकर जानकारी ली गई।
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या आपत्तिजनक व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance Policy) अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने, सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
एलजी कार्यालय की ओर से इन बैठकों की जानकारी आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से साझा की गई। पोस्ट में बताया गया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रशासन का कहना है कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। डीटीसी बसों में सुरक्षा उपकरणों, निगरानी व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने जैसे विषयों पर भी समीक्षा की जा रही है।
उपराज्यपाल ने कहा कि राजधानी में हर नागरिक, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
बैठक के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।



