
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। साहित्यिक संस्था संस्कार वैभव की जुलाई माह की मासिक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन 15 जुलाई 2026 को पार्श्वनाथ सोसायटी में साहित्यकार मनीषी सिन्हा के आवास पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक वंदना के साथ हुआ।
संगोष्ठी में संस्था की सचिव मधु मंत्री ने गत माह की साहित्यिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। संस्था की अध्यक्ष मीना जैन ने सभी सदस्यों को श्री जगन्नाथ रथोत्सव एवं गुरुपूर्णिमा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में समय, प्रेम और आपसी संवाद की कमी से पारिवारिक एवं सामाजिक संबंध प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने संबंधों को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के साहित्यकार परिचय सत्र में मधु मंत्री ने प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की चर्चित कहानी “स्त्री और पुरुष” का प्रभावी वाचन एवं परिचय प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा।
संगोष्ठी का मुख्य विषय “संबंधों के समीकरण” रहा। इस विषय पर प्रतिभागियों ने अभिनेता-दर्शक, मालिक-मजदूर, वरिष्ठ-कनिष्ठ, ग्राहक-दुकानदार, नेता-जनता, रोगी-चिकित्सक, पुलिस-कैदी सहित विभिन्न सामाजिक संबंधों पर अपने विचार, कविताएँ एवं रचनाएँ प्रस्तुत कीं। वक्ताओं ने बदलते सामाजिक परिवेश में संबंधों की संवेदनशीलता, विश्वास और संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का सफल संचालन शालिनी सिंह ने किया, जबकि अंत में विद्या किशोर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर मीना जैन, संध्या सिंह, रेनू बाला सिंह, सुमन बिष्ट, लक्ष्मी भट्ट, शालिनी सिंह, मनीषी सिन्हा, निधि वर्मा, आशा सक्सेना, विद्या किशोर, मुक्ति बत्रा एवं मधु मंत्री सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।



