इंदिरापुरम में रामलीला के दूसरे दिन नारद मोह, विश्वमोहिनी स्वयंवर और रावण के अत्याचारों का भावपूर्ण मंचन

इंदिरापुरम,(आनन्द धारा)। राम सीता धार्मिक सेवा समिति इंदिरापुरम, गाजियाबाद द्वारा 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन नारद मोह, विश्वमोहिनी स्वयंवर और रावण के अत्याचारों से जुड़े पौराणिक प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ निष्ठा स्टूडियो के कार्यक्रम से हुआ। मंच संचालन डॉ. अरुणिमा सिंघल ने किया। इस अवसर पर पार्षद श्री संजय सिंह, वंदना कुमारी, मोहित, पीयूष, विंदा और डॉ. अरुणिमा सिंघल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रामलीला के दौरान भगवान महादेव द्वारा श्रीराम कथा सुनाए जाने, कामदेव के आगमन, रंभा प्रसंग और नारद जी की तपस्या का मंचन किया गया। इसके बाद विश्वमोहिनी स्वयंवर तथा भगवान विष्णु द्वारा नारद जी को श्राप दिए जाने के प्रसंग को कलाकारों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इन दृश्यों ने दर्शकों को पौराणिक कथाओं से जोड़ते हुए भक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश दिया।

इसके पश्चात रावण के अहंकार और उसके बढ़ते अत्याचारों से संबंधित प्रसंगों का मंचन हुआ। इन दृश्यों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है तथा धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने वाले की सदैव विजय होती है।
रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कलाकारों के अभिनय और संवादों की सराहना की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और दर्शकों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण किया।
राम सीता धार्मिक सेवा समिति का यह आयोजन भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।



