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अखंड भारत मिशन के संस्थापक अश्वनी शर्मा बोले- केजरीवाल की हार जनता के साथ हुए विश्वासघात का जवाब

गाज़ियाबाद। अखंड भारत मिशन के संस्थापक अश्वनी शर्मा ने अपने कॉलेज के दिनों की यादें साझा करते हुए बताया कि कैसे अन्ना हज़ारे के आंदोलन से प्रेरित होकर इंजीनियरिंग कॉलेज के सैकड़ों छात्रों ने समाज कल्याण विभाग और तत्कालीन सरकार की नींद उड़ा दी थी। यह आंदोलन छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर था, जिसमें छात्रों ने पूरी निष्ठा और साहस के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ बुलंद की थी।
अरविंद केजरीवाल से थीं उम्मीदें, लेकिन उन्होंने जनता को दिया धोखा
अश्वनी शर्मा ने कहा, “उस दौर में, जब देशभर के युवाओं में बदलाव की लहर थी, अरविंद केजरीवाल से भी काफी उम्मीदें थीं। लगा था कि राजनीति में एक नया, ईमानदार और पारदर्शी विकल्प मिलेगा, लेकिन उनकी स्वार्थी मंशाओं और दोहरे चरित्र ने आम आदमी की राजनीति से उम्मीद ही खत्म कर दी।”

जनता ने दिया धोखेबाज को सबक
उन्होंने आगे कहा कि आज केजरीवाल की हार से संतोष मिला। यह संतोष किसी विशेष राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं, बल्कि इसलिए है कि जिस व्यक्ति ने आम जनता को एक बेहतर राजनीतिक विकल्प देने की उम्मीद जगाई और फिर उसे तोड़ दिया, उसे आज जनता ने सबक सिखाया है।

राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी सर्वोपरि

अश्वनी शर्मा ने कहा कि राजनीति में नैतिकता और जनता के प्रति ईमानदारी सर्वोपरि होनी चाहिए। जो नेता जनता के विश्वास को तोड़ता है, उसे जनता कभी माफ नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि स्वार्थ और धोखे की बुनियाद पर खड़ी राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलती, और जनता देर-सवेर ऐसे नेताओं को जवाब जरूर देती है।
आंदोलन की विरासत – युवा शक्ति का प्रतीक

अपने कॉलेज के दिनों के आंदोलन को याद करते हुए अश्वनी शर्मा ने कहा कि युवाओं की शक्ति से ही देश में बड़े बदलाव संभव होते हैं। उस दौर में छात्रों ने जिस तरह छात्रवृत्ति घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई थी, वह युवा शक्ति की ताकत को दर्शाता है।

मेरे आंदोलन की कुछ दुर्लभ तस्वीरें

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