
गाजियाबाद। भीषण गर्मी और लगातार चल रही हीटवेव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसी बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां गर्मी जनित बीमारी के चलते सात साल की बच्ची हिमांशी की मौत हो गई। बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली गई और डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
डॉक्टरों के अनुसार, भीषण गर्मी और लू के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले कुछ दिनों में शहर के विभिन्न अस्पतालों की ओपीडी में 500 से अधिक बच्चे गर्मी से संबंधित बीमारियों के चलते इलाज के लिए पहुंचे हैं। इनमें से करीब आठ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती करना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तापमान में लगातार बढ़ोतरी और लू के थपेड़ों के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को धूप में बाहर जाने से बचाएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और हल्का व पौष्टिक भोजन दें। साथ ही, किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की गई है।
अस्पतालों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की देखभाल में जुटी है। प्रशासन ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लोगों को सतर्क रहने और हीटवेव से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, ऐसे में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भीषण गर्मी को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है।



