
नई दिल्ली,(आनन्द धारा)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए नारी शक्ति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया।” प्रधानमंत्री का यह बयान देशभर में चर्चा का विषय बन गया है और इसे महिलाओं की स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का लोहा मनवाया है, चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान, खेल या फिर प्रशासनिक सेवाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी बन रही हैं जो उनकी प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि समाज के कुछ वर्गों में महिलाओं के अधिकारों और अवसरों को सीमित करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल महिलाओं के साथ अन्याय है, बल्कि देश के समग्र विकास के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं को समान अवसर और सम्मान देने के लिए आगे आएं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश बताया है, जबकि कुछ ने इसे मौजूदा परिस्थितियों पर सवाल उठाने वाला बयान माना है।



