25 मई से शुरू होगा नौतपा, 2 जून तक रहेगी भीषण गर्मी की संभावना-पंडित शिव कुमार शर्मा

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। वर्ष 2026 में नौतपा का आरंभ 25 मई से होकर 2 जून तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह वह विशेष 9 दिन होते हैं जब सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है। इस वर्ष 25 मई को अपराह्न 3:38 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु कंसलटेंट पंडित शिवकुमार शर्मा ने बताया कि सूर्य सामान्यतः एक नक्षत्र में लगभग 15 दिन तक रहते हैं, लेकिन रोहिणी नक्षत्र के प्रारंभिक 9 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मान्यता है कि यदि इस दौरान तेज गर्मी और प्रचंड तपिश पड़ती है तो आने वाला मानसून अच्छा रहता है तथा पर्याप्त वर्षा होती है।
उन्होंने कहा कि यदि नौतपा के दौरान पश्चिमी विक्षोभ, एल नीनो या अन्य पर्यावरणीय प्रभावों के कारण वर्षा, आंधी या बादल छाए रहें तो नौतपा भंग माना जाता है। इसका प्रभाव मानसून पर पड़ सकता है और वर्षा में अनियमितता देखने को मिल सकती है। कृषि वैज्ञानिक भी इस परंपरागत मान्यता को मौसमीय संकेतों से जोड़कर देखते हैं।
पंडित शिव कुमार शर्मा के अनुसार रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं। जब सूर्य की तीव्र किरणें समुद्र पर पड़ती हैं तो जल वाष्प बनकर बादलों का रूप लेता है और यही प्रक्रिया आगे चलकर मानसून को सक्रिय करने में सहायक बनती है। लगभग 20 दिन से एक माह के भीतर देशभर में मानसून सक्रिय होने की संभावना रहती है।
धार्मिक दृष्टि से भी नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है। इन दिनों सूर्य देव को जल अर्पित करना, दान-पुण्य करना, शीतल वस्तुओं, फल एवं जल का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही जरूरतमंद लोगों को छाया एवं शीतल पेय उपलब्ध कराने को पुण्यदायी बताया गया है।



