चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा मोड़: CBI जांच के बाद राज सिंह रिहा

बलिया/कोलकाता। Suvendu Adhikari के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए बलिया निवासी राज सिंह को आखिरकार रिहा कर दिया गया है। मामले में हुई सीबीआई जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए, जिनसे घटना के दिन राज सिंह की मौजूदगी बलिया में साबित हुई।
रिहाई के बाद राज सिंह ने दावा किया कि अगर मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) के पास नहीं जाती, तो उनका एनकाउंटर भी हो सकता था। उन्होंने कहा कि जांच में मोबाइल लोकेशन, स्थानीय गवाहों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने साबित कर दिया कि घटना के समय वह पश्चिम बंगाल में नहीं बल्कि बलिया में मौजूद थे।
राज सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उनका परिवार लगातार मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य जुटाए, जिनमें लोकेशन डेटा और कॉल रिकॉर्ड भी शामिल थे। इन्हीं के आधार पर एजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि राज सिंह का घटना से सीधा संबंध नहीं था।
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। विपक्षी दलों ने जांच प्रक्रिया और शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला निष्पक्ष जांच और तकनीकी साक्ष्यों के महत्व को दर्शाता है।
गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी हलचल मचाई थी। मामले में कई कोणों से जांच की जा रही थी और विभिन्न राज्यों में छापेमारी भी हुई थी।राज सिंह की रिहाई के बाद जांच एजेंसियां अब असली आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई हैं।



