Homeग्रेटर नोएडासामाजिक

नोएडा लोकमंच की यमुना को ‘ऑक्सीजन बैंक’ बनाने की पहल,पांच लाख पौधे लगाने की तैयारी

नोएडा,(आनन्द धारा/सुशील कुमार शर्मा)।  पर्यावरण संरक्षण और यमुना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने की दिशा में नोएडा लोकमंच ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। संस्था ने यमुना नदी के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर एक विशाल ‘ऑक्सीजन बैंक’ विकसित करने का संकल्प लिया है। इस अभियान के तहत सेक्टर-14ए से लेकर ग्रेटर नोएडा तक यमुना तटवर्ती क्षेत्र में लगभग पांच लाख पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।

इस संबंध में नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को तीसरा पत्र भेजकर अभियान के लिए सहयोग एवं आवश्यक अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। इससे पहले लोकमंच द्वारा सांसद, विधायक, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ सहित कई अधिकारियों को भी पत्र भेजे जा चुके हैं।
शनिवार को  सेक्टर-15 स्थित नोएडा लोकमंच कार्यालय में आयोजित बैठक में यमुना नदी के बदलते स्वरूप, बढ़ते प्रदूषण और उसके संरक्षण के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बैठक में यमुना तट को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने तथा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। सदस्यों का मानना है कि यदि यमुना किनारे लाखों पेड़ लगाए जाते हैं तो इससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। भूजल स्तर और प्रदूषण नियंत्रण में  मदद मिलेगी।

लोकमंच के पदाधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जनभागीदारी से जोड़कर एक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। वृक्षारोपण से क्षेत्र में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ भूजल स्तर सुधारने, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। संस्था का लक्ष्य है कि पहले चरण में पांच लाख पौधे लगाए जाएं और उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले वर्षों में यमुना तट एक सघन हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यमुना संरक्षण और हरित विकास से जुड़े सुझावों का विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाए। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अभियान को सरकारी सहयोग के साथ व्यापक स्तर पर लागू करने की मांग की गई है। लोकमंच का मानना है कि प्रशासनिक सहयोग मिलने पर यह परियोजना प्रदेश के सबसे बड़े पर्यावरणीय अभियानों में शामिल हो सकती है।

बैठक में सी.बी. झा, दीपिका ठाकुर, डॉ. उमेश, इंदिरा चौधरी, लिका सक्सेना, महेश सक्सेना, मुक्ता गुप्ता, प्रदीप वोहरा, आर.एन. श्रीवास्तव, रामशरण गौड़, एस.के. जैन, संतोष ठाकुर, सुरेश अग्रवाल, विभा बंसल, विनोद शर्मा तथा रेनु छिब्बर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।

लोकमंच का यह अभियान यदि सफल होता है तो यमुना तट पर विकसित होने वाला यह ‘ऑक्सीजन बैंक’ न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button