RTI नियमों में बदलाव के खिलाफ अन्ना हजारे का मोर्चा, 5 जुलाई से भूख हड़ताल की चेतावनी

नई दिल्ली/महाराष्ट्र। सामाजिक कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) नियमों में किए गए बदलावों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इन संशोधनों को लोकतंत्र और पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है।
अन्ना हजारे ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून आम नागरिकों को सरकार से जवाब मांगने का अधिकार देता है और यह व्यवस्था लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। उनके अनुसार, RTI नियमों में बदलाव से आम लोगों की जानकारी तक पहुंच प्रभावित हो सकती है और प्रशासनिक जवाबदेही कमजोर हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने 12 जून को RTI नियमों में कुछ संशोधन किए थे। इन बदलावों को लेकर सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। अन्ना हजारे ने भी इन संशोधनों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को जनता के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, न कि उन्हें सीमित करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन संशोधनों को वापस नहीं लिया तो वह 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। अन्ना ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए होगा।
अन्ना हजारे लंबे समय से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। वर्ष 2011 में लोकपाल आंदोलन के बाद वह देशभर में चर्चा में आए थे। उन्होंने हमेशा सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।
RTI कार्यकर्ताओं का मानना है कि सूचना का अधिकार कानून ने आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं, खर्चों और फैसलों की जानकारी प्राप्त करने का मजबूत माध्यम दिया है। ऐसे में नियमों में बदलाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
अब सभी की नजर महाराष्ट्र सरकार के अगले कदम पर है। अगर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति नहीं बनती है तो अन्ना हजारे का प्रस्तावित आंदोलन एक बार फिर बड़ा जन आंदोलन बन सकता है। वहीं, सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।



