
नोएडा,(आनन्द धारा)। हाइड पार्क सोसाइटी में बड़ी संख्या में निवासियों ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को एकजुट होकर कथित अनियमित चुनाव प्रक्रिया, वित्तीय पारदर्शिता की कमी, खराब रखरखाव और सोसाइटी की लगातार बिगड़ती व्यवस्थाओं के विरोध में शांतिपूर्ण लेकिन जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में सोसाइटी निवासी शामिल हुए। इस दौरान सोसाइटी की एओए की कार्यप्रणाली को लेकर निवासियों में काफी आक्रोश देखने को मिला।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे निवासियों का आरोप है कि करीब तीन वर्षों से कार्यरत एओए के चार पदाधिकारियों—अमित गुप्ता, सुजीत कुमार, अतुल राय और दिनेश नेगी—की ओर से बिना उचित निर्वाचन समिति के चुनाव प्रक्रिया कराई गई। निवासियों ने इस चुनाव की वैधता, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
निवासियों का यह भी कहना है कि एसडीएम न्यायालय से संबंधित आदेशों और अभिलेखों में भी चुनाव तथा एओए की स्थिति को लेकर आपत्तियां दर्ज हैं। ऐसे में उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
वित्तीय पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने सोसाइटी के वित्तीय मामलों में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई। उन्होंने स्वतंत्र वित्तीय लेखा-परीक्षण कराने, रखरखाव शुल्क के उपयोग का विस्तृत हिसाब सार्वजनिक करने और सोसाइटी में लिए जा रहे विभिन्न वित्तीय निर्णयों की स्पष्ट जानकारी निवासियों को देने की मांग की।
निवासियों का कहना है कि जब सोसाइटी की मूलभूत सुविधाएं और रखरखाव व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में हैं, तो बढ़ते सामुदायिक रखरखाव शुल्क के औचित्य और उसके उपयोग को लेकर स्पष्ट जवाबदेही आवश्यक है।
रखरखाव व्यवस्था पर भी नाराजगी
प्रदर्शन में सोसाइटी की खराब होती रखरखाव व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। निवासियों ने इमारतों से गिरते प्लास्टर और अन्य रखरखाव संबंधी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से सामने आ रही इन समस्याओं के बावजूद प्रभावी समाधान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए लंबित रखरखाव कार्यों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी और सरकार से हस्तक्षेप की मांग
निवासियों ने जिलाधिकारी, जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, एओए की कार्यप्रणाली, वित्तीय मामलों और रखरखाव व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग रखी।

प्रदर्शन में शामिल निवासियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रखने के लिए है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में विरोध को और व्यापक किया जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान निवासियों का संदेश स्पष्ट था—“हम शांतिपूर्ण हैं, लेकिन अब चुप नहीं रहेंगे।”
निवासियों ने कहा कि उन्हें सोसाइटी में जवाबदेही, पारदर्शिता, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और बेहतर रखरखाव व्यवस्था चाहिए।


